Hanuman Chalisa in Hindi: श्री हनुमान भगवान को प्रसन्न करने के लिए पढ़ें रोज हनुमान चालीसा

Hanuman Chalisa in Hindi  || श्री हनुमान चालीसा हिंदी 2024

Hanuman Chalisa in Hindi: श्री हनुमान चालीसा दोहा : श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि। बरनऊं रघुबर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि। हर रोज  पढ़ें हनुमान चालीसा इसके पाठ से हनुमानजी की असीम कृपा बनी रहती है और मंगल दोष का प्रभाव भी घर से दूर होता है।

Shree Hanuman Chalisa: दोस्तों हनुमान चालिसा को आप हर रोज इस आर्टिकल के जरिये यहां पढ़ सकते है, इस हनुमान चालीसा में यह लिखा है जो हर दिन हनुमान चालीसा का पाठ करता है उस पर हनुमान जी के साथ ही साथ भगवान रामजी और भगवान शिव पार्वती की भी कृपा रहती है।

तथा जिस पर रामजी की अशीम कृपा हो जाती है उस पर तो सभी की कृपा होती है, इसलिए ही तो यह कहा जाता  हैं कि, जा पर कृपा राम की होई, ता पर कृपा करहिं सब कोई। तो श्री हनुमान जी के साथ राम जी की कृपा पाने के लिए हर दिन खास तौर पर हर मंगलवार और हर शनिवार को श्री हनुमान चालीसा का पाठ जरूर करें।

 ||  दोहा  ||


श्रीगुरु चरन सरोज रज, निजमन मुकुरु सुधारि।

बरनउं रघुबर बिमल जसु, जो दायक फल चारि।। {1}


बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार।

बल बुधि बिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार।। {2}


||    चौपाई   ||


जय हनुमान ज्ञान गुन सागर। जय कपीस तिहुं लोक उजागर।।
राम दूत अतुलित बल धामा। अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा।। {1}


महाबीर बिक्रम बजरंगी। कुमति निवार सुमति के संगी।।
कंचन बरन बिराज सुबेसा। कानन कुण्डल कुँचित केसा।। {2}


हाथ बज्र औ ध्वजा बिराजे। कांधे मूंज जनेउ साजे।।
शंकर सुवन केसरी नंदन। तेज प्रताप महा जग वंदन।। {3}


बिद्यावान गुनी अति चातुर। राम काज करिबे को आतुर।।
प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया। राम लखन सीता मन बसिया।। {4}


सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा। बिकट रूप धरि लंक जरावा।।
भीम रूप धरि असुर संहारे। रामचन्द्र के काज संवारे।। {5}


लाय सजीवन लखन जियाये। श्री रघुबीर हरषि उर लाये।।
रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई। तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई।। {6}


सहस बदन तुम्हरो जस गावैं। अस कहि श्रीपति कण्ठ लगावैं।।
सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा। नारद सारद सहित अहीसा।। {7}


जम कुबेर दिगपाल जहां ते। कबि कोबिद कहि सके कहां ते।।
तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा। राम मिलाय राज पद दीन्हा।। {8}


तुम्हरो मंत्र बिभीषन माना। लंकेश्वर भए सब जग जाना।।
जुग सहस्र जोजन पर भानु। लील्यो ताहि मधुर फल जानू।। {9}


प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं। जलधि लांघि गये अचरज नाहीं।।
दुर्गम काज जगत के जेते। सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते।। {10}


राम दुआरे तुम रखवारे। होत न आज्ञा बिनु पैसारे।।
सब सुख लहै तुम्हारी सरना। तुम रच्छक काहू को डर ना।। {11}


आपन तेज सम्हारो आपै। तीनों लोक हांक तें कांपै।।
भूत पिसाच निकट नहिं आवै। महाबीर जब नाम सुनावै।। {12}


नासै रोग हरे सब पीरा। जपत निरन्तर हनुमत बीरा।।
संकट तें हनुमान छुड़ावै। मन क्रम बचन ध्यान जो लावै।। {13}


सब पर राम तपस्वी राजा। तिन के काज सकल तुम साजा।।
और मनोरथ जो कोई लावै। सोई अमित जीवन फल पावै।। {14}


चारों जुग परताप तुम्हारा। है परसिद्ध जगत उजियारा।।
साधु संत के तुम रखवारे।। असुर निकन्दन राम दुलारे।। {15}


अष्टसिद्धि नौ निधि के दाता। अस बर दीन जानकी माता।।
राम रसायन तुम्हरे पासा। सदा रहो रघुपति के दासा।। {16}


तुह्मरे भजन राम को पावै। जनम जनम के दुख बिसरावै।।
अंत काल रघुबर पुर जाई। जहां जन्म हरिभक्त कहाई।। {17}


और देवता चित्त न धरई। हनुमत सेइ सर्ब सुख करई।।
सङ्कट कटै मिटै सब पीरा। जो सुमिरै हनुमत बलबीरा।। {18}


जय जय जय हनुमान गोसाईं। कृपा करहु गुरुदेव की नाईं।।
जो सत बार पाठ कर कोई। छूटहि बन्दि महा सुख होई।। {19}


जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा। होय सिद्धि साखी गौरीसा।।
तुलसीदास सदा हरि चेरा। कीजै नाथ हृदय महं डेरा।। {20}

 

Shree Hanuman Chalisa in Hindi (Endlish)

Jai Hanuman Gyan Gun Sagar, Jai Kapis Tihun Lok Ujagar.

Ram Doot Atulit Bal Dhama, Anjani Putra Pavan Sut Nama. {1}

 

Mahaveer Vikram Bajrangi, Kumat Nivar Sumati Ke Sangi.

Kanchan Baran Biraj Subesa, Kanan Kundal Kunchit Kesa. {2}

 

Haath Bajra Aur Dhvaja Biraje, Kandhe Moonj Janeu Saje.

Shankar Suvan Kesari Nandan, Tej Pratap Maha Jag Vandan. {3}

 

Vidyavan Guni Ati Chatur, Ram Kaj Karibe Ko Atur.

Prabhu Charit Sunibe Ko Rasiya, Ram Lakhan Sita Man Basiya. {4}

 

Sukshma Roop Dhari Siyahin Dikhava, Bikat Roop Dhari Lank Jarava.

Bheem Roop Dhari Asur Sanhare, Ramchandra Ke Kaj Sanvare. {5}

 

Laaye Sajivan Lakhano Jiyaaye, Shri Raghubeer Harashi Ur Laiye.

Raghupati Keeni Bahut Badaai, Tum Mama Priya Bharatahi Sam Bhaai. {6}

 

Sahas Badan Tumharo Jas Gave, As Kahi Shripati Kanth Lagaave.

Sanakadik Brahmaadi Munisa, Narad Saarad Sahit Aheesa. {7}

 

Jam Kubera Digpal Jahaan Te, Kavi Kovid Kahi Sake Kahaan Te.

Tum Upakar Sugreevahi Keenha, Ram Milaye Raaj Pad Deenha. {8}

 

Tumharo Mantra Bibheeshan Maana, Lankeshwar Bhaye Sab Jag Jaana.

Jug Sahastra Jojan Par Bhaanu, Leelyo Taahi Madhur Phal Jaanu. {9}

 

Prabhu Mudrika Meli Mukh Mahi, Jaladhi Laanghi Gaye Acharaj Nahi.

Durgam Kaaj Jagat Ke Jete, Sugam Anugrah Tumhare Tete. {10}

 

Ram Dwaare Tum Rakhvare, Hota N Ajnabi Bin Paisare.

Sab Sukh Lahai Tumhari Sarna, Tum Rachhak Kaahu Ko Darr Na. {11}

 

Aapan Tej Samhaaro Aapai, Teenon Lok Haank Te Kaa Pai.

Bhoot Pisaach Nikat Nahi Aavai, Mahaveer Jab Naam Sunavai. {12}

 

Naasai Rog Hare Sab Peera, Japat Niranter Hanumat Beera.

Sankat Ten Hanuman Churaavai, Man Kram Bachan Dhyan Jo Laavai. {13}

 

Sab Par Ram Tapasvi Raja, Tin Ke Kaaj Sakal Tum Saaja.

Aur Manorath Jo Koi Laavai, Soi Amit Jivan Phal Paavai. {14}

 

Charo Jug Paratap Tumhara, Hai Parasiddh Jagat Ujiyara.

Sadhu Sant Ke Tum Rakhvaare, Asur Nikandan Ram Dulaare. {15}

 

Asht Siddhi Nav Nidhi Ke Daata, As Bar Deen Janki Mata.

Ram Rasaayan Tumhare Paasa, Sada Raho Raghupati Ke Daasa. {16}

 

Tumhare Bhajan Ram Ko Paave, Janam Janam Ke Dukh Bisraave.

Ant Kaal Raghubar Pur Jaai, Jahaan Janma Hari Bhakta Kahaai. {17}

 

Aur Devta Chitt Na Dharai, Hanumat Sei Sarb Sukh Karai.

Sankat Katai Mitai Sab Peera, Jo Sumirai Hanumat Balbeera. {18}

 

Jai Jai Jai Hanuman Gosai, Kripa Karahu Gurudev Ki Nai.

Jo Sat Baar Paath Kar Koi, Chootahi Bandi Maha Sukh Hoi. {19}

 

Jo Yeh Padhe Hanuman Chalisa, Hoi Siddhi Saakhi Gaurisa.

Tulsidas Sada Hari Chera, Kije Nath Hriday Mahn Dera. {20}”

FAQ :-

हनुमान चालीसा में कितना पावर है?

आपको बता दे कि श्री हनुमान चालीसा का पौराणिक और धार्मिक महत्त्व है, और इसे भक्तिमय भाव से पढ़ने वाले व्यक्ति को आत्मा शक्ति, धैर्य, और भक्ति में वृद्धि की अनुभूति हो सकती है। यह आध्यात्मिक उन्नति की दिशा में एक मार्गदर्शन के रूप में समझा जाता है।

क्या रात को हनुमान चालीसा पढ़ सकते हैं?

हाँ, रात को हनुमान चालीसा पढ़ना अच्छा है और इसे रात्रि में पढ़ने का विशेष महत्त्व है। बहुत से भक्त रात्रि में हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं, जो शांति, सुरक्षा, और मानवजाति के लिए कल्याण की कामना करते हैं। तथा रात को अगर नींद नहीं आ रहा है तो यह पाठ करके मन को सन्ति मिलता है

21 बार हनुमान चालीसा पढ़ने से क्या होता है?

21 बार हनुमान चालीसा का पाठ करने से मनोकामनाएं पूर्ण हो सकती हैं और भक्त की इच्छाएं सिद्ध हो सकती हैं। हनुमान चालीसा का पाठ करने से नकारात्मक ऊर्जा का निष्कासन हो सकता है और व्यक्ति को शांति और सुरक्षा का अनुभव हो सकता है।

हनुमान चालीसा किधर मुंह करके पढ़ना चाहिए?

हनुमान चालीसा को पढ़ते समय, व्यक्ति को ध्यान और श्रद्धा के साथ इसे पढ़ना चाहिए।
हनुमान चालीसा को बैठकर पढ़ना सर्वाधिक प्रचलित है। आप एक शांत और सुकून भरे स्थान पर बैठकर पाठ कर सकते हैं। उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करके हनुमान चालीसा का पाठ करें

क्या लड़कियां हनुमान चालीसा पढ़ सकते हैं?

हां, बिल्कुल, लड़कियां भी हनुमान चालीसा पढ़ सकती हैं। हनुमान चालीसा को कोई भी व्यक्ति, आपसी आस्था और भक्ति के साथ, पढ़ सकता है, चाहे वह लड़का हो या लड़की।

हनुमान चालीसा कितने मिनट का होता है?

 श्री हनुमान चालीसा को पढ़ने में लगभग 7 से 10 मिनट का समय लगता है, इसका आधार श्रद्धालु की पढने  की गति और स्थिति पर निर्भर कर सकता है। यह श्लोकों और दोहों का समृद्धि से भरा हुआ चालीसा  है और इसका पाठ श्रद्धा और भक्ति के साथ किया जाता है।

हनुमान जी को खुश कैसे करें?

रोज़ हनुमान चालीसा का पाठ करना एक प्रभावी तरीका है हनुमान जी को प्रसन्न करने का। हनुमान जी के व्रत और पूजा में भाग लेना उन्हें खुश कर सकता है।

निष्कर्ष/Disclaimer

अगर आपको इस पोस्ट में किसी भी प्रकार की गलती या असुविधा लगती है, तो कृपया हमसे संपर्क(Contact Us)करें ताकि हम उसे सही कर सकें। हम आपकी राय का सम्मान करते हैं और सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हमारी सामग्री सटीक, सृजनात्मक और समर्पित रहे।

हमारा मकसद किसी भी धार्मिक समृद्धि, समझदारी और सामंजस्य को चुनौती देना नहीं है और किसी भी धर्म को ठेस पहुंचाना नहीं है।

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